परिवार एवं संबंध
यहाँ हर संबंध RELATIONSHIPS.json में दर्ज है, स्रोत एवं विश्वास-स्तर (confidence) सहित। जहाँ परंपराएँ भिन्न हैं, वहाँ दोनों को बराबरी से दर्शाया गया है — किसी एक को थोपा नहीं गया (Master Prompt Section 11)।
ब्रह्मा परिवार
सुलभ सूची (Accessible List)
- पत्नीसरस्वती — स्रोत: विभिन्न पुराण (उच्च विश्वास)
- सह-पत्नी परंपरागायत्री — स्रोत: स्कंद/मत्स्य पुराण (मध्यम विश्वास — मत-भेद सहित)
- मानसपुत्र (6)मरीचि, अत्रि, अंगिरा, पुलस्त्य, पुलह, क्रतु — स्रोत: महाभारत आदिपर्व
मत-भेद नोट
भागवत पुराण (3.12.22) इसी सूची में वसिष्ठ, भृगु, दक्ष एवं नारद को भी जोड़ता है — कुल दस मानसपुत्र। दोनों सूचियाँ ब्रह्मा जी के पेज पर दर्ज हैं।
विष्णु परिवार
सुलभ सूची (Accessible List)
- पत्नीलक्ष्मी — स्रोत: विष्णु पुराण, भागवत पुराण (उच्च विश्वास)
- वाहनगरुड़ — स्रोत: विभिन्न पुराण (उच्च विश्वास)
- शय्याशेषनाग (अनंत) — स्रोत: विभिन्न पुराण (उच्च विश्वास)
मत-भेद नोट — ब्रह्मा-विष्णु संबंध
वैष्णव ग्रंथ (यथा विष्णु पुराण) ब्रह्मा को विष्णु की नाभि-कमल से उत्पन्न बताते हैं। शैव ग्रंथों में सृष्टि-क्रम भिन्न रूप से वर्णित है। दोनों त्रिमूर्ति के सहयोगी देव हैं, इस पर सभी परंपराएँ सहमत हैं — केवल पारस्परिक उत्पत्ति-क्रम पर सांप्रदायिक मतभेद है, इसलिए यहाँ इसे प्रत्यक्ष "family" संबंध के रूप में नहीं, अपितु सांप्रदायिक-मत-भेद के रूप में दर्ज किया गया है।
शिव परिवार
सुलभ सूची (Accessible List)
- प्रथम पत्नीसती — स्रोत: शिव पुराण (उच्च विश्वास)
- द्वितीय पत्नीपार्वती (सती का पुनर्जन्म) — स्रोत: शिव पुराण (उच्च विश्वास)
- पुत्रगणेश, कार्तिकेय — स्रोत: शिव/स्कंद पुराण (उच्च विश्वास)
- वाहननंदी — स्रोत: विभिन्न पुराण (उच्च विश्वास)
गणेश एवं पूर्ण शिव-परिवार
सुलभ सूची (Accessible List)
- पिताशिव — स्रोत: शिव पुराण (उच्च विश्वास)
- मातापार्वती — स्रोत: शिव पुराण (उच्च विश्वास)
- भाईकार्तिकेय — स्रोत: शिव/स्कंद पुराण (उच्च विश्वास)
- पत्नी (एक परंपरा)रिद्धि-सिद्धि — स्रोत: कुछ पुराणिक व परवर्ती परंपराएं (मध्यम विश्वास)
त्रिदेवी एवं शक्ति-रूप शृंखला
सुलभ सूची (Accessible List)
- त्रिदेवी-युग्मसरस्वती↔ब्रह्मा
- लक्ष्मी↔विष्णु
- पार्वती↔शिव
- पार्वती → दुर्गाmanifestation_of — शाक्त-पौराणिक (मध्यम विश्वास; मत-भेद D009 पर दर्ज)
- दुर्गा → कालीmanifestation_of — देवी महात्म्य 7 (मध्यम विश्वास; तांत्रिक विपर्यय D010 पर दर्ज)
मत-भेद नोट — त्रिदेवी-शाप परंपरा
ब्रह्म वैवर्त/देवी भागवत की एक धारा में तीनों देवियाँ पूर्व-काल में विष्णु की सह-पत्नियाँ वर्णित हैं, जिनका वर्तमान विभाजन एक शाप-प्रसंग से हुआ — यह पूरी कथा सरस्वती-पेज (कथा 2) पर दर्ज है, परंपरा-सीमा सहित।
विष्णु-अवतार रेखा एवं रघुकुल
सुलभ सूची (Accessible List)
- राम ↔ सीताspouse — धनुष-भंग स्वयंवर (वाल्मीकि बालकांड)
- राम → विष्णुavatar_of — दशावतार-7
- सीता → लक्ष्मीavatar_of — वैष्णव परंपरा
- कृष्ण → विष्णुavatar_of — दशावतार-8 / "स्वयं भगवान" (भागवत 1.3.28 — दोनों धाराएँ दर्ज)
- राधा ↔ कृष्णconsort — गौड़ीय/पुष्टि/निंबार्क परंपराएँ (भागवत-मौन D011 पर दर्ज)
- हनुमान → रामdevotee_of — दास्य-भक्ति का आदर्श
- मत्स्य-वामन → विष्णुavatar_of — दशावतार 1-5 (D016-D020)
- वराह-नृसिंह सूत्रजय-विजय शाप-शृंखला: हिरण्याक्ष (D018) — हिरण्यकशिपु (D019) — रावण-कुंभकर्ण (D013) — शिशुपाल-दंतवक्र (D014)
पूर्ण दशावतार-माला एवं शिव-स्वरूप मंडल
सुलभ सूची (Accessible List)
- परशुराम → विष्णुavatar_of — आवेश-अवतार; राम-भेंट D013 पर
- बुद्ध/बलराम → विष्णुनवम-स्थान की दो सूची-परंपराएँ — भेद D022/D024 पर दर्ज
- कल्कि → विष्णुavatar_of (भावी) — गुरु-वचन: परशुराम
- बलराम ↔ कृष्णbrother — शेष-अवतार दाऊजी
- मोहिनी → विष्णुस्त्री-रूप avatar — शास्ता-धारा (D089) सहित
- नटराज-भैरव-दक्षिणामूर्ति → शिवform_of — नृत्य, काल, गुरु स्वरूप
- अर्धनारीश्वर = शिव+पार्वतीसंयुक्त-रूप — दोनों की form_of पंक्तियाँ दर्ज
- अष्टविनायक → गणेशform_of (समूह) — D031-D038 आरक्षित
वैदिक देव-मंडल एवं ग्रह-परिवार
सूर्य-कुल पूर्ति — न्याय की दो कचहरियाँ
अष्ट-दिक्पाल मंडल (अब पूर्ण-प्रकाशित)
गिरि-नदी कुल — हिमवान का घर
नवदुर्गा-माला (आठ प्रकाशित — नवमी शेष)
दशमहाविद्या-मंडल (D070-D079)
सुलभ सूची (Accessible List)
- वायु → हनुमानfather — त्रेता का पवन-पुत्र (D012)
- सूर्य → यम/यमुना/शनिfather — संज्ञा-छाया संतति (D052 · D057 · D049)
- यम ↔ यमुनायम-द्वितीया युग्म — भाई-दूज मूल (D057)
- राहु ↔ केतुएक देह के दो खंड — पात-अक्ष युग्म (D051)
- हिमवान → पार्वती/गंगाfather — कन्यादान-कोण; उमा हैमवती (D006 · D056)
- शिव → नर्मदारुद्र-देहजा — बाणलिंग-वर
- विष्णु ↔ भूदेवीश्री-भू युग्म — वराह-उद्धार (D018)
- कुबेर ↔ शिवसखा-पदवी — अलका-कैलास सान्निध्य (D003)
- स्कन्दमाता → स्कन्दmother — गोद में सेनापति (D005)
- चन्द्र → बुधfather — तारा-प्रकरण; ब्रह्मा-न्याय से निर्णीत
- गुरु ↔ शुक्रदेव-दैत्य आचार्य-युग्म — शास्त्रार्थ-प्रतिद्वंद्वी
- शुक्र → बलिguru — वामन-प्रकरण का निषेध-पक्ष (D020)
- इन्द्र ↔ कृष्णगोवर्धन मद-भंग → गोविंद-अभिषेक (D014)
- राधा ↔ कृष्णयुगल-सरकार — आह्लादिनी-अभिन्नता (D011 · D014)
- सीता ↔ रामसियाराम युगल — सहधर्मचरी-सूत्र (D015 · D013)
- लक्ष्मी ↔ नारायणश्री-नित्ययोग युगल — तुलसी-शालिग्राम (D007 · D002)
- शिव+मोहिनी → अयप्पाहरिहर-सुत मणिकंठ (D003 · D029)
- गौरी → शीतलारोग-हर लोक-रूप मान्यता (D006, ग्रेड B/C)
- गणेश → संतोषीलोक-वंश — शुभ-लाभ की बहन (D004, आधुनिक परंपरा चिह्नित)
- उमा ↔ महेश्वरसंवाद-युगल — जगतः पितरौ (D006 · D003)
- कृष्ण → जगन्नाथ-विठोबाक्षेत्र-रूप त्रयी — पुरी-तिरुमला-पंढरपुर (D086-D088)
- शिव → खंडोबामार्तंड-भैरव लोक-अवतार (D003)
- वासुकि ↔ शेष ↔ मनसाकद्रू-वंश नाग-त्रय (D094 · D095 · D091)
- गरुड़ → जटायु-कुलविनता-अरुण वंश — पक्षी-मंडल (D096 · D098)
- राम ↔ सुग्रीव-विभीषणमैत्री-शरणागति युग्म (D013 · D099 · D100)
- विष्णु ↔ गरुड़-शेष · शिव ↔ नंदीवाहन-चतुष्क R-मंडल (D096 · D095 · D097)
प्रथम-शतक पूर्ण: D001-D100 क्रम की सभी 92 पंजीकृत प्रविष्टियाँ (8 आरक्षित अष्टविनायक-ID रहित) अब PUBLISHED हैं — महाविद्या-मंडल, युगल-चतुष्टय, नाग-वाहन और रामायण-पात्र ग्राफ़ सहित। संपूर्ण मशीन-पठनीय डेटा RELATIONSHIPS.json (131 सम्बन्ध) में उपलब्ध है। आगे: अष्टविनायक क्षेत्र-पेज (D031-D038) एवं 500-लक्ष्य की अगली शतक-योजना।